Vastu Aunty

Vastu Consultant · Greater Noida · Noida · Delhi NCR

आपके घर के लिए सरल और व्यक्तिगत वास्तु परामर्श

किशोरी जी के साथ घर, फ्लैट और नए मकान के लिए वास्तु परंपराओं पर आधारित, आसान हिंदी में व्यक्तिगत मार्गदर्शन।

  • आसान हिंदी में मार्गदर्शन
  • घर की स्थिति के अनुसार सुझाव
  • अनावश्यक तोड़-फोड़ से बचने पर ज़ोर
  • ऑनलाइन परामर्श के लिए पूछताछ
वास्तु के अनुसार घर की दिशाएँ घर का नक्शा जिसमें ईशान कोण में पूजा, आग्नेय कोण में रसोई, नैऋत्य कोण में शयनकक्ष, वायव्य कोण में अतिथि कक्ष और बीच में ब्रह्मस्थान दिखाया गया है। प्रवेश ईशान पूजा वायव्य अतिथि कक्ष ब्रह्मस्थान खुला, हल्का आग्नेय रसोई नैऋत्य शयनकक्ष उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम

किशोरी जी

आपकी Vastu Aunty

किशोरी जी, Vastu Aunty
किशोरी जी · Vastu Aunty

हमारे बारे में

मिलिए किशोरी जी से — आपकी Vastu Aunty

हर घर की बनावट, ज़रूरतें और परिस्थितियाँ अलग होती हैं। Vastu Aunty के माध्यम से किशोरी जी का उद्देश्य है वास्तु से जुड़े पारंपरिक सिद्धांतों को सरल हिंदी में समझाना और परिवारों को उनके घर के अनुसार व्यावहारिक मार्गदर्शन देना।

चाहे आप नए घर की योजना बना रहे हों या मौजूदा घर की व्यवस्था को बेहतर समझना चाहते हों, यहाँ आपकी बात ध्यान से सुनकर सुझाव देने पर ज़ोर दिया जाता है।

किशोरी जी से संपर्क करें

वास्तु सेवाएँ

आपके घर की ज़रूरतों के अनुसार वास्तु सेवाएँ

घर का वास्तु परामर्श

Home Vastu Consultation

घर की दिशा, मुख्य द्वार, कमरों की स्थिति और रोज़मर्रा की व्यवस्था से जुड़े वास्तु विषयों पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन।

इसके बारे में पूछें

फ्लैट और अपार्टमेंट वास्तु

Flat & Apartment Vastu

नए या मौजूदा फ्लैट में प्रवेश द्वार, रसोई, बेडरूम और अन्य प्रमुख स्थानों का वास्तु दृष्टिकोण से मूल्यांकन।

इसके बारे में पूछें

नए घर की योजना

New Home Planning

नया घर खरीदने या बनवाने से पहले नक्शे, कमरों और दिशाओं से संबंधित वास्तु मार्गदर्शन के लिए पूछताछ।

इसके बारे में पूछें

कमरे के अनुसार वास्तु

Room-wise Vastu Guidance

रसोई, शयनकक्ष, पूजा स्थान और घर के अन्य हिस्सों से जुड़े विशिष्ट प्रश्नों पर मार्गदर्शन।

इसके बारे में पूछें

परामर्श की उपलब्धता, तरीका (ऑनलाइन या घर पर विज़िट) और दायरा आपकी ज़रूरत समझने के बाद तय किया जाता है।

Vastu Aunty ही क्यों?

वास्तु की बात, सरल और सहज अंदाज़ में

  1. सरल हिंदी में बातचीत

    कठिन शब्दों के बिना, आपकी भाषा में बात। जहाँ ज़रूरी हो, आम English शब्द भी।

  2. घर की वास्तविक स्थिति पर ध्यान

    हर घर अलग है। सुझाव आपके घर के नक्शे, दिशा और ज़रूरतों को देखकर दिए जाते हैं।

  3. व्यावहारिक और बजट-सचेत सुझाव

    पहले उन बदलावों पर बात जो व्यवस्था, रोशनी और कमरों के उपयोग से संभव हों।

  4. डर और महंगे उपायों से दूर

    कोई डराने वाली बात नहीं, और महंगा सामान खरीदने का कोई दबाव नहीं।

प्रक्रिया

परामर्श कैसे प्राप्त करें?

  1. अपनी ज़रूरत बताएं

    WhatsApp या संपर्क फॉर्म से घर और समस्या की जानकारी भेजें।

  2. प्रारंभिक बातचीत

    आपकी ज़रूरत समझकर परामर्श की उपलब्धता और उपयुक्त तरीका तय किया जाएगा।

  3. परामर्श और मार्गदर्शन

    निर्धारित दायरे के अनुसार वास्तु विषयों पर चर्चा और सुझाव।

सेवा क्षेत्र

Greater Noida, Noida और Delhi NCR में वास्तु परामर्श

Vastu Aunty का प्राथमिक फोकस Greater Noida, Noida और Delhi NCR के परिवारों की वास्तु संबंधी ज़रूरतें हैं। अपने क्षेत्र में परामर्श या घर पर विज़िट की उपलब्धता जानने के लिए संपर्क करें।

  • Greater Noida
  • Greater Noida West
  • Noida
  • Delhi NCR

NCR से बाहर हैं?

दूसरे शहरों से भी ऑनलाइन परामर्श के लिए पूछताछ कर सकते हैं। घर का नक्शा या फ्लोर प्लान हो, तो बातचीत आसान रहती है।

ऑनलाइन परामर्श के लिए पूछें

वास्तु ज्ञान

वास्तु से जुड़ी उपयोगी जानकारियाँ

ये बातें पारंपरिक वास्तु मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी हैं। हर घर अलग होता है, इसलिए अपने घर के लिए व्यक्तिगत सलाह लें।

मुख्य द्वार का वास्तु परंपरा में मुख्य द्वार को घर में ऊर्जा के प्रवेश का स्थान माना जाता है।
  • द्वार साफ़ और रोशनीदार रखें; सामने जूते-चप्पल या कबाड़ जमा न हो।
  • उत्तर या पूर्व दिशा का प्रवेश परंपरा में शुभ माना जाता है। दूसरी दिशाओं के लिए भी व्यावहारिक सुझाव होते हैं।
  • दरवाज़ा आसानी से और बिना आवाज़ के खुले।
रसोई का वास्तु वास्तु परंपरा में दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) को अग्नि तत्व की दिशा माना जाता है।
  • पारंपरिक नियम है कि चूल्हा और सिंक बिल्कुल पास-पास न हों।
  • खाना बनाते समय पूर्व की ओर मुख करना अच्छा माना जाता है।
  • रसोई साफ़, हवादार और रोशनीदार रखें।
बेडरूम का वास्तु परंपरा में दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) को मुख्य शयनकक्ष के लिए उपयुक्त माना जाता है।
  • सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व की ओर रखने की सलाह दी जाती है।
  • बेड के ठीक सामने शीशा न हो, ऐसा माना जाता है।
  • बेड के नीचे कबाड़ जमा न करें।
पूजा स्थान उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को पूजा के लिए सबसे उपयुक्त दिशा माना जाता है।
  • फ्लैट में अलग कमरा न हो, तो पूर्व या उत्तर की दीवार पर छोटा पूजा स्थान भी बनाया जा सकता है।
  • पूजा स्थान शौचालय की दीवार से सटा न हो।
  • स्थान साफ़-सुथरा और शांत रखें।
नया घर खरीदते समय वास्तु नक्शा देखते समय कुछ बुनियादी बातें पहले देख लेना उपयोगी रहता है।
  • घर का आकार चौकोर या आयताकार हो।
  • उत्तर-पूर्व का हिस्सा खुला और हल्का हो; धूप और हवा अच्छी आए।
  • प्रवेश द्वार के ठीक सामने सीढ़ी या लिफ्ट न हो।
  • कानूनी और संरचनात्मक जाँच हमेशा योग्य विशेषज्ञ से कराएँ।
दिशाओं का महत्व वास्तु में आठ दिशाओं और घर के मध्य भाग (ब्रह्मस्थान) का अलग महत्व माना गया है।
  • ईशान (उत्तर-पूर्व): पूजा, खुला और हल्का स्थान।
  • आग्नेय (दक्षिण-पूर्व): रसोई।
  • नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम): मुख्य शयनकक्ष, भारी सामान।
  • वायव्य (उत्तर-पश्चिम): अतिथि कक्ष, भंडारण।
  • ब्रह्मस्थान (मध्य): खुला और हल्का रखें।

Vastu Aunty से और जानें

वास्तु से जुड़ी छोटी-छोटी जानकारियाँ YouTube पर भी साझा की जाती हैं।

YouTube चैनल देखें

सवाल-जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Vastu Aunty किस प्रकार का परामर्श देती हैं?

Vastu Aunty घर, फ्लैट, नए घर की योजना और रसोई, शयनकक्ष या पूजा स्थान जैसे कमरों से जुड़े आवासीय वास्तु विषयों पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए पूछताछ लेती हैं। आपकी ज़रूरत समझने के बाद बताया जाता है कि कौन-सा परामर्श उपयुक्त और उपलब्ध है।

क्या फ्लैट और किराए के घर के लिए भी मार्गदर्शन मिलता है?

हाँ, आप फ्लैट और किराए के घर के लिए भी पूछताछ कर सकते हैं। किराए के घर में आमतौर पर ऐसे सुझावों पर ध्यान दिया जाता है जिनमें निर्माण से जुड़ा बदलाव न करना पड़े, जैसे सामान की व्यवस्था, रोशनी और कमरों का उपयोग।

क्या घर में बदलाव करने के लिए तोड़-फोड़ ज़रूरी है?

ज़रूरी नहीं। पहले उन विकल्पों पर बात की जाती है जो व्यवस्था, उपयोग या सजावट में बदलाव से संभव हों। किसी भी संरचनात्मक बदलाव से पहले किसी योग्य आर्किटेक्ट या स्ट्रक्चरल इंजीनियर की सलाह ज़रूर लें।

क्या ऑनलाइन परामर्श के लिए पूछताछ कर सकते हैं?

हाँ। WhatsApp या संपर्क फॉर्म से अपनी ज़रूरत बताएं। ऑनलाइन परामर्श की उपलब्धता और तरीका प्रारंभिक बातचीत के बाद तय किया जाता है।

घर पर विज़िट की उपलब्धता कैसे जानें?

घर पर विज़िट की उपलब्धता आपके क्षेत्र, तारीख और ज़रूरत पर निर्भर करती है। Greater Noida, Noida और Delhi NCR प्राथमिक क्षेत्र हैं। पूछताछ में अपना क्षेत्र लिखें, उपलब्धता की जानकारी बातचीत में दी जाएगी।

परामर्श का शुल्क कैसे पता चलेगा?

शुल्क परामर्श के तरीके (ऑनलाइन या विज़िट), घर के आकार और विषयों के दायरे पर निर्भर करता है। आपकी ज़रूरत समझने के बाद, परामर्श तय करने से पहले शुल्क की जानकारी दी जाती है।

परामर्श से पहले कौन-सी जानकारी देनी चाहिए?

अपना शहर या क्षेत्र, प्रॉपर्टी का प्रकार, मुख्य द्वार की दिशा (अगर पता हो), घर का नक्शा या फ्लोर प्लान (अगर उपलब्ध हो) और आपका मुख्य सवाल। पहचान पत्र जैसे निजी दस्तावेज़ भेजने की ज़रूरत नहीं है।

संपर्क करें

अपने घर के वास्तु के बारे में बात करें

अपनी ज़रूरत बताएं। उपलब्ध परामर्श विकल्पों के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

सीधे WhatsApp करें

फॉर्म भरे बिना भी संदेश भेज सकते हैं।

+91 99531 49893

हर पूछताछ पर परामर्श तुरंत उपलब्ध हो, यह ज़रूरी नहीं। उपलब्धता, तरीका और शुल्क बातचीत में बताए जाते हैं।

परामर्श का तरीका
WhatsApp पर परामर्श पूछें